दुनिया भर में चिकन सबसे पसंदीदा मांस है. फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (एफएओ) के मुताबिक 2021 में दुनिया भर में 13.30 करोड़ टन व्हाइट मीट की खपत हुई.
लातिन अमेरिका चिकन के मांस के खपत में तीसरे स्थान पर है. 2019 में यहां प्रति व्यक्ति चिकन की खपत 32.70 किलो थी.
2020 में ब्राज़ील में प्रति व्यक्ति 40.6 किलो चिकन की खपत थी. वहीं अर्जेंटीना में प्रति व्यक्ति 47 किलो चिकन के साथ पहले स्थान पर था.
भारतीय कृषि एवं खाद्य परिषद की 2015 की पोल्ट्री बाज़ार की समीक्षा के मुताबिक भारत में प्रति व्यक्ति चिकन की खपत 3.1 किलो थी जो कि दुनिया के औसत 17 किलो से कहीं कम थी.
चिकन आमतौर पर सस्ता होता है. इसमें चर्बी कम होती है और इसके खाने को लेकर बहुत कम सांस्कृतिक और धार्मिक पाबंदिया हैं.
लिहाज़ा ये सबसे अधिक खाया जाने वाला मीट बन गया है.
इसके अलावा चिकन में भरपूर प्रोटीन होता है और ये विटामिन और मिनरल का भी अहम स्रोत है.
इसमें खास स्तर तक मोनो सेचुरेडेट फैट होता है, जो लोगों के हृदय और दिल के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है.
लेकिन लोगों का यह बेहद पसंदीदा भोजन कई झूठी मान्यताओं और संदेहों से घिरा है.




