सूर्य की चमक इंसानों के लिए हज़ारों साल से आश्चर्य की वजह रही है.
लेकिन करीब सौ साल पहले खोज हुई कि सूर्य की बेशुमार ऊर्जा का कारण है न्यूक्लियर रिएक्शन, जिसे फ्यूज़न कहा जाता है.
अगर धरती पर उसी तरह का फ्यूज़न कराया जा सके तो बहुत कुछ बदल सकता है. दुनिया भर के लोगों को बेशुमार ऊर्जा मिल सकती है.
बीते करीब सौ साल से फ्यूज़न कराने की कोशिश जारी है. करीब पचास साल से दावे किए जा रहे हैं कि ये लक्ष्य अगले कुछ दशक में हासिल हो जाएगा.
इस साल फरवरी में इंग्लैंड के वैज्ञानिकों ने दावा किया कि वो पांच सेकेंड तक ऐसा करने में कामयाब हुए हैं.




